पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेलंगाना विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से ईरान-इजरायल संघर्ष को रोकने के लिए सक्रिय पहल करने की अपील की है। यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क द्वारा सदन में पेश किया गया, जिसे सभी दलों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
प्रस्ताव में कहा गया कि ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है, जिसका असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। विशेष रूप से कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति तथा कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। युद्ध के चलते उत्पादन और परिवहन प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो रही है।
सदन में यह भी उल्लेख किया गया कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान व लेबनान पर हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी खाड़ी क्षेत्र और मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी रक्षा ठिकानों को निशाना बना रहा है। इन हमलों में फाइटर बॉम्बर्स, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन जैसे अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे व्यापक तबाही हो रही है।
प्रस्ताव के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि प्रत्यक्ष नुकसान प्रभावित देशों तक सीमित है, लेकिन इसके आर्थिक प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहे हैं। विधानसभा ने खास तौर पर एशियाई देशों पर बढ़ते खतरे और भारत पर पड़ रहे ऊर्जा संकट के प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
सदन ने चेतावनी दी कि यदि इस युद्ध को जल्द नहीं रोका गया, तो इसके परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं। स्थिति भविष्य में बड़े वैश्विक संघर्ष का रूप ले सकती है, जिससे मानवता पर खतरा पैदा हो सकता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए विधानसभा ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल कर शांति स्थापित करने और इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
यह प्रस्ताव दर्शाता है कि राज्य सरकार वैश्विक मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है और शांति तथा स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।
Aaina Express
