देशभर में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं, कहीं तेज बारिश हो रही है तो कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है। तेज हवाएं, जिनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही है, हालात को और ज्यादा गंभीर बना रही हैं। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, खासकर बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश के साथ बादल फटने की आशंका जताई गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई है।
इस बदले मौसम के पीछे कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का लगातार प्रभाव बना हुआ है, जबकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में अस्थिरता बढ़ा रही हैं। इन दोनों के टकराव से गरज-चमक, तेज बारिश और आंधी जैसी स्थितियां बन रही हैं।
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। आसमान में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा तेज हवाओं के चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर लगभग पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना भी बनी हुई है। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है। उन्हें सलाह दी गई है कि फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें और मौसम पर लगातार नजर रखें।
वहीं बिहार में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पटना, गया, भोजपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
कुल मिलाकर, अगले 72 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जहां बदलते मौसम के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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