बलरामपुर में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। एसएसबी, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। कोयलाबास चौकी, गुरूग नाका, खबरी नाका और शुक्ली नाका सहित सभी प्रमुख सीमा चौकियों पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
एसएसबी और पुलिस के जवान सोहेलवा जंगल में पैदल गश्त कर रहे हैं। जरवा, मोहकमपुर, बेतहनिया, कन्हईडीह समेत अन्य सीमावर्ती गांवों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। गश्ती दल जंगलों और पगडंडियों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
वन विभाग नेपाल के रास्ते होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रख रहा है। लकड़ी तस्करी और वन कटान को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिए ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसएसबी के साथ रोजाना गांवों और जंगलों की सीमाओं पर गश्त की जा रही है। ग्रामीणों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ग्राम सुरक्षा समितियों की सक्रियता बढ़ाई गई है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था से स्थानीय नागरिकों में विश्वास का माहौल है।