10 साल बाद हुए इस बदलाव में प्रशासन ने जमीन के मूल्यांकन के पुराने पैमाने बदल दिए हैं। अब केवल कॉलोनी नहीं, सड़क का नाम और आसपास का उपयोग कीमत तय करेगा। राजस्व विभाग के अनुसार, इस बार कृषि भूमि पर 15%, व्यवसायिक संपत्ति पर 25% और बहुमंजिला भवनों पर 20% तक की वृद्धि की गई है।
वहीं, कार्यालय, गोदाम और दुकानों के रेट में औसतन 20% की बढ़ोतरी की गई है। कई ऐसे स्थान, जहां अब तक रेट कम थे लेकिन व्यवसायिक गतिविधि अधिक थी, वहां 40% तक का इजाफा किया गया है।
67 सड़कों के हिसाब से तय हुए रेट, गोमतीनगर सबसे महंगा
प्रशासन ने शहर की 67 प्रमुख सड़कों की पहचान कर उनके आसपास के क्षेत्र का विशेष सर्किल रेट तय किया है। इनमें गोमतीनगर के विराज खंड और विभूति खंड की दो सड़कों के आसपास का रेट सबसे अधिक ₹77,000 प्रति वर्गमीटर रखा गया है। ये सड़कें मंत्री आवास, वन अवध मॉल, बैंक ऑफ इंडिया लोहिया पथ और हयात होटल जैसे पॉश इलाकों से जुड़ी हैं।
निजी बिल्डरों की स्कीमों पर लगा ब्रेक-खेल खत्म
अब तक निजी कॉलोनियों जैसे अंसल, एमार आदि में सर्किल रेट काफी कम था और बिल्डर बाजार भाव से कई गुना ज्यादा कीमत पर बिक्री कर रहे थे। अब इन जगहों का रेट 18 हजार से बढ़ाकर सीधे 50 हजार रुपए कर दिया गया है। इससे रजिस्ट्री मूल्य वास्तविकता के करीब पहुंचेगा और टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।
भूखंड के आसपास दुकानें हैं? तो लगेगा 20% ज्यादा रेट
यदि किसी गैर-कृषि भूखंड के आसपास कोई व्यवसायिक गतिविधि हो रही है तो उस जमीन की कीमत अब 20% ज्यादा मानी जाएगी। बिक्री के वक्त भी रजिस्ट्री का मूल्य अकृषक दर से 50% बढ़ाकर तय होगा।
कॉलोनीवार रेट जारी, गोमतीनगर टॉप पर-संतुष्टि एन्क्लेव सबसे सस्ता
शहर की 26 प्रमुख कॉलोनियों के रेट अपडेट किए गए हैं। गोमतीनगर ₹77,000 के साथ सबसे ऊपर है। दूसरे नंबर पर महानगर (₹41,000–₹65,000) और तीसरे पर इंदिरानगर (₹35,000–₹62,000) है। वहीं अनंतनगर (₹15,000–₹18,000) और संतुष्टि एन्क्लेव (₹7,000–₹10,000) सबसे कम रेट वाली कॉलोनियां हैं।
पारिवारिक ट्रांसफर पर राहत-स्टांप शुल्क केवल ₹5,000
यदि कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति बेटे-बेटी, बहू, दामाद, सगे भाई-बहन या माता-पिता को दानपत्र के माध्यम से देता है, तो उस पर अधिकतम ₹5,000 स्टांप शुल्क ही लगेगा। इससे पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण में बड़ी राहत मिलेगी।
एडीएम एफआर राकेश कुमार सिंह के अनुसार अब दो क्यूआर कोड जारी किए गए हैं- एक से स्टांप शुल्क, रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अफसरों की जानकारी मिलेगी। दूसरा कोड दफ्तर की लोकेशन और नक्शा दिखाएगा। इससे आम लोगों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।