लखनऊ में 186 करोड़ रुपए की लागत से मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत सड़कें बनाई जा रही हैं। हालांकि, निर्माण और रखरखाव में लगातार लापरवाही दिखाई दे रही है। सुरक्षा मानकों और पर्यावरण नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सड़क निर्माण के बाद कई हिस्सों में निजी अतिक्रमण और धूल की समस्या बढ़ गई है।
विभूति खंड में सुरक्षा के मानकों की अनदेखी
विभूति खंड में सड़क निर्माण के दौरान गहरे गड्ढों पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है। निर्माण से निकली मिट्टी और बालू लगातार उड़ती रहती है। पैदल और वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। सड़क पर टिन शेड रखकर निर्माण का काम किया जा रहा है, लेकिन धूल रोकने के लिए कोई नेट या पानी का छिड़काव नहीं किया गया। रात में सड़क अंधेरी रहती है और हादसे का खतरा बना रहता है।
कपूरथला में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग
कपूरथला चौराहे से लेकर महानगर गोल मार्केट तक की सड़कों पर निजी अस्पताल और दुकानों ने अतिक्रमण कर फुटपाथों को पार्किंग में बदल दिया है। इससे न केवल सड़क का सुंदरीकरण प्रभावित हुआ है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए चलना भी मुश्किल हो गया है। पुराने फुटपाथों को खोदकर नया बनाया गया, लेकिन दुकानों और ग्राहकों द्वारा कब्जे के कारण समस्या बनी हुई है।
लोगों की शिकायतें
स्थानीय लोग लगातार धूल और सुरक्षा की समस्या से परेशान हैं। अभिनव ने बताया कि एक महीने से निर्माण जारी है और साइकिल से गुजरते समय आंखों में धूल पड़ती है। दशरथ लाल कश्यप ने कहा कि काम धीमी गति से हो रहा है और सुरक्षा उपायों की कमी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे काम
उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कें आधुनिक और स्मार्ट बन रही हैं। इनमें यूटिलिटी डक्ट, भूमिगत बिजली तार, सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट, बेहतर ड्रेनेज और टाइल्स वाले फुटपाथ शामिल हैं। फुटपाथ पर बेंच, पिलर और बीच में पौधे लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अतिक्रमण और कब्जे से सड़क की रौनक कम हो रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोनल अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। नो-वेंडिंग जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे और दुकानदारों को नए वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाएगा। वेंडिंग कमेटी की बैठक में नए वेंडिंग जोन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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