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न्यूज यूपी | विकास परियोजनाओं के लिए 2520.00 करोड़ रुपये का निवेश : केशव प्रसाद मौर्य।

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशानुसार विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों को वित्तीय वर्ष 2023 के लिए विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए धनराशि आवंटित की गई है- वर्ष 2024 की पहली किस्त के रूप में 7 अरब 48 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के तहत जारी करने की स्वीकृति दी गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश में कहा गया है कि विधानमंडल के सदस्यों की संस्तुति के अनुसार 5000 रुपये का बजट प्रावधान है। इस बजट व्यवस्था के संबंध में वित्तीय वर्ष 2023-2024 में विधान सभा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 403 सदस्यों में से 401 (02 रिक्त सीटें) जीएसटी सहित (एक करोड़ पचास लाख रुपये) वित्तीय वर्ष 2023-2024 में क्षेत्र विकास निधि योजना। रू0 14700.00 प्रति सदस्य लाख की दर से विधान परिषद् के 100 सदस्यों में से 98 सदस्यों (02 रिक्त सीटों) के लिए जीएसटी सहित 60150.00 लाख (छह अरब एक करोड़ पचास लाख रुपये) एवं जीएसटी सहित रू0 150.00 लाख (रू0 एक करोड़ पचास लाख) विधानमंडल के कुल 503 सदस्यों में से 499 (401+98) सदस्यों के लिए जीएसटी सहित रुपये (एक अरब सैंतालीस करोड़ रुपये) यानी जीएसटी सहित कुल 74850.00 लाख रुपये (सात अरब अड़तालीस करोड़ पचास लाख रुपये) निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन किस्त जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

शासनादेश जारी

जारी शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत राशि का व्यय विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि के दिशा-निर्देशों एवं इस संबंध में समय-समय पर जारी शासनादेशों में वर्णित व्यवस्थाओं/प्रावधानों के अनुसार ही किया जायेगा। यदि किसी विधानसभा एवं विधान परिषद क्षेत्र का पद रिक्त है तो उस क्षेत्र की धनराशि कोषालय से आहरित नहीं की जायेगी। नगर निगम आम चुनाव आचार संहिता का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जारी शासनादेश में मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि व्यय प्रबंधन एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर दिये गये आदेशों का अनुपालन वित्त विभाग द्वारा विशेष रूप से सुनिश्चित किया जायेगा. साथ ही उत्तर प्रदेश बजट नियमावली के पैरा-12 में दी गई शर्तों की पूर्ति एवं राज्य के धन को व्यय करने में वित्तीय औचित्य के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों के सम्बन्ध में वास्तविक देय/अनुमानित जी.एस.टी. के बराबर राशि आहरित/खर्च की जायेगी। आहरित की जाने वाली राशि संबंधित डी.आर.डी.ए. के जमा खाते में अंतरित की जायेगी तथा इस जमा खाते से होने वाला व्यय इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुसार विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जायेगा।

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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को ये निर्देश दिए

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि की जानकारी व शासनादेश की प्रति एक सप्ताह के भीतर विधानसभा व विधान परिषद के सदस्यों को उपलब्ध करा दी जाए. उपमुख्यमंत्री मौर्य ने यह भी निर्देश दिए हैं कि विधान क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत किए जा सकने वाले कार्यों की निदर्शी सूची, योजना की मुख्य विशेषताएं, निर्माण कार्यों की स्वीकृति एवं निष्पादन, निधि जारी करने और निगरानी व्यवस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध है. . निधि के अंतर्गत जो कार्य नहीं हो सकते, उनकी जानकारी सदस्यों को उपलब्ध करायी जाये, ताकि कहीं भी किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो. विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की होगी।

 

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