भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को अरिहा शाह के मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अरिहा शाह के मामले में भारत जर्मनी के अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहा है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई दिल्ली इस मामले को मानवीय नजरिए से देख रही है. इसके साथ ही अरिहा के परिवार को हरसंभव मदद भी दे रही है. दरअसल, अरिहा शाह एक भारतीय बच्ची है, जो पिछले 40 महीने यानी 3 साल और चार महीने से जर्मनी के फोस्टर केयर की देखरेख में है.
हम परिवार की तकलीफ और दर्द को समझते हैं- मिस्री
विदेश सचिव ने गुजरात के गांधीनगर में एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत, जर्मनी और भारत दोनों जगहों पर जर्मन अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है. हम पिछले काफी समय से जर्मनी की सरकार, सारे जर्मन अधिकारी, नई दिल्ली में उनके दूतावास, बर्लिन स्थित जर्मन सरकार के साथ-साथ इस मामले से जुड़े सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘अरिहा शाह के मामले को शुरुआत में एक कानूनी मामले के तौर पर देखा गया था, लेकिन भारत का शुरू से ही यह मानना है इस मामले को मानवीय नजरिए से देखा जाना चाहिए और इस मामले का निपटारा इसमें शामिल मानवीय मुद्दों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.’
अरिहा शाह के परिवार के दर्द के प्रति सरकार की जागरूकता पर जोर देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘हम अरिहा के परिवार के दर्द और तकलीफों को समझते हैं. हम इस पूरी स्थिति को भी समझते हैं और हम इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.’
अरिहा का भारत से जुड़ाव बनाए रखने के लिए हो रहे प्रयास- मिस्री
वहीं, इस दौरान उन्होंने जर्मनी में रह रही अरिहा शाह के भारत से जुड़ाव बनाए रखने को लेकर भी बात कही. उन्होंने कहा कि जर्मनी में रहते हुए अरिहा भारत की सांस्कृतिक परिवेश से जुड़ी रहे, इसके लिए भी हम अपनी ओर से लगातार कोशिश कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बेबी अरिहा का पालन-पोषण जितना ज्यादा हो सके, उतना ज्यादा भारतीय परिवेश में हो. फिर चाहे वह भारत के लोगों से बातचीत करना हो या जर्मनी में मनाए जाने वाले भारतीय त्योहारों में उसकी भागीदारी हो.’
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