उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर की लगभग 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण आगामी 15 दिनों में शुरू किया जाएगा। इस वॉल में अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, सेंसर और वॉच टावर लगाए जाएंगे ताकि किसी भी अनधिकृत गतिविधि की तत्काल जानकारी सुरक्षा बलों को मिल सके।
संग्रहालय मार्च 2026 तक होगा तैयार
मिश्र ने बताया कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों, घटनाओं और आंदोलनकारियों की भूमिका को दर्शाने के लिए एक आधुनिक संग्रहालय की योजना तैयार की गई है। इसमें 3D और मिक्स्ड रियलिटी टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। इसका टेंडर शुक्रवार को ही जारी किया जाएगा, और लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक संग्रहालय श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाए।
लाइटिंग पर पुनर्विचार
मंदिर परिसर की लाइटिंग डिजाइन पर मिश्र ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि अब तक प्रस्तुत किए गए तीनों कंपनियों के मॉडल असंतोषजनक रहे हैं। नई डिजाइन में कलश, डोम और मंदिर की आइकॉनोग्राफी को उभारने के लिए लाइट-शैडो का बेहतर संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा। अत्यधिक चमकदार रोशनी से बचा जाएगा और शांति व भव्यता के संतुलन पर ज़ोर रहेगा।
दिसंबर 2025 तक तैयार होगा पूरा परिसर
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और दिसंबर 2025 तक संपूर्ण परिसर का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। न्यास से ट्रस्ट को हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया “हमारा लक्ष्य है कि मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, भव्य और शांतिपूर्ण अनुभव देने वाला बने। सुरक्षा, ऐतिहासिक दस्तावेजीकरण और कलात्मक प्रकाश व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है।”