यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी
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नित नई योजनाओं का परीक्षण कर बेसिक शिक्षा विभाग को जिस तरीके से प्रयोगशाला बनाया जा रहा है, उस माहौल में शिक्षकों के समक्ष अपना सम्मान बचा पाना एक चुनौती है। अधिकारी अपनी मानसिकता सुधार लें, शिक्षक संगठन यूटा अध्यापकों के सम्मान के साथ कतई समझौता नहीं करेगा। ये चेतावनी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने 10 दिसंबर को संगठन के जिलास्तरीय अधिवेशन में दी।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले जिला कार्यसमिति के पुनर्गठन कार्यक्रम का आयोजन शहर के सादाबाद गेट स्थित बीबीसीएन रॉयल रेस्टोरेंट में किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से यूटा की नई टीम निर्वाचित हुई। जनपद के संघर्षशील युवा शिक्षक प्रदीप पुंढ़ीर को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई, वहीं संगठन के जिला महामंत्री पद के लिए हरी सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए अवधेश कुमार तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए राकेश रावत पुन: निर्वाचित हुए।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के चुनाव की घोषणा चुनाव अधिकारी एवं जनपद आगरा के जिलाध्यक्ष केशव दीक्षित ने की। चुनाव पर्यवेक्षक एवं संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष वीपी बघेल ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराई एवं सह चुनाव अधिकारी केके शर्मा ने निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किए।
जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिन जनपदों में यूटा की टीम कार्यशील है, उन जिलों में बेसिक शिक्षा में भ्रष्टाचार में कमी आई है। इस अवसर पर राजेश शर्मा, रोहित चौधरी, सूर्यकांत भारद्वाज, योगेश यादव, ओमवीर चौधरी, अनिल कुमार, विकास यादव, नारायण सिंह, योगेंद्र सिंह, राजेश कुमार, वकील साहब बघेल, महेश बघेल, तौफीक आलम, नरेंद्र कुमार आदि थे।