रामपुर में नौकरी और फंड दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विष्णु विहार निवासी विक्रम सिंह के बेटे प्रेम शंकर बदायूं ट्रेजरी में क्लर्क थे। 12 जून 2024 को बीमारी से उनकी मृत्यु हो गई। विक्रम सिंह अपने बेटे के फंड के लिए बदायूं जाते थे।
2 दिसंबर 2024 को बदायूं ट्रेजरी ऑफिस के पास विक्रम सिंह वर्मा और उनकी मां मालती वर्मा से मुलाकात हुई। उनके साथ बिसौली के भरतपुर गांव का तेजवीर सिंह था। तेजवीर ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को अपना मामा बताया। उसने विक्रम के छोटे बेटे मनीष को मृतकाश्रित में नौकरी और मृतक पुत्र के फंड का भुगतान कराने का वादा किया।
7 दिसंबर 2024 को तीनों आरोपी विक्रम के घर आए। उन्होंने काम के बदले 15 लाख रुपए मांगे। विक्रम ने अलग-अलग तारीखों पर यह रकम दे दी। काम न होने पर जब विक्रम ने फोन किया तो आरोपी टालमटोल करने लगे। 6 जून 2025 को आरोपियों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकी दी।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। सीओ सिटी जितेंद्र कुमार संगम मामले की जांच करेंगे।