तब इस मामले की सुनवाई थाने से लेकर आला अधिकारियों तक किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद प्रार्थिनी ने आयोग पहुँच कर शिकायत दर्ज करायी ! प्रार्थिनी जितना ने बताया कि उसका भाई राजितराम बचपन से ही मंदबुद्धि है दिन भर ईधर उधर घूमता रहता है। समाज के अच्छे लोगों पर ही उसका जीवन निर्भर है।
जितना ने बताया कि राजितराम को जमीन के बारे में जानकारी नहीं है। न तो गाटा संख्या पता है न ही रकबा पता है। राजितराम की बहन जितना ने तहसीलदार कोर्ट पर आपत्ति भी लगाई है जिसकी पैरवी पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता राम सजीवन पाण्डेय , अधिवक्ता विनय प्रताप सिंह, प्रदीप पाण्डेय एडवोकेट कर रहे हैं।
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