तेलंगाना में स्थानीय निकायों की राजनीति तेज हो गई है. राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी की ओर से की गई एक महत्वपूर्ण घोषणा के अनुसार राज्य कैबिनेट ने अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी 116 नगर पालिकाओं और 7 नगर निगमों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन निकायों के कुल 2,996 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया को 15 फरवरी से पहले अंजाम दिया जाए, ताकि जनता के द्वारा चुना गए नये निकाय जिम्मेदारी संभाल सकें.
मंत्री रेड्डी ने क्या बताया
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है. यह फैसला उन सभी शहरी निकायों के लिए अहम है, जहां पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और अब विशेषाधिकारी (Officiating) अधिकारियों द्वारा काम चलाया जा रहा था. मंत्री ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने और शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समय पर चुनाव कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.
शहरी इलाकों की समस्याएं
इस घोषणा के साथ ही राज्य के प्रशासनिक महकमे में तैयारियां तेज हो गई हैं. तेलंगाना राज्य निर्वाचन आयोग अब जल्द ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है. ये चुनाव तेलंगाना के शहरी इलाकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि इसमें सीवरेज, पेयजल, सफाई और सड़कें जैसे बुनियादी मुद्दों पर जनता अपना फैसला सुनाएगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 15 फरवरी की समय सीमा को देखते हुए अगले कुछ हफ्ते शहरी राजनीति के लिए बहुत व्यस्त रहने वाले हैं.
फिलहाल, राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. आचार संहिता लागू होने से पहले सभी विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं. अब देखना है कि राजनीतिक दल इस छोटे से समय के अंतराल में अपनी रणनीतियों को कैसे अमली जामा पहनाते हैं.
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