प्रयागराज में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से एक सिक्स लेन एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 26 नवंबर 2020 को किया गया था। करीब 10 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज बनकर तैयार होने के बाद देश के सबसे लंबे एलिवेटेड पुलों में शामिल होगा।
पुल का निर्माण कार्य 16 फरवरी 2021 से शुरू हुआ था और इसे तय समयसीमा के तहत फरवरी 2024 तक पूरा किया जाना था। हालांकि विभिन्न कारणों से परियोजना में देरी होती रही और समय सीमा कई बार बढ़ाई गई। अब नई योजना के अनुसार इस ब्रिज को जून 2026 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल चित्रकूट, मिर्जापुर, बांदा और रीवा की ओर से आने वाले वाहन नैनी ब्रिज के जरिए शहर में प्रवेश करते हैं, जबकि वाराणसी और भदोही की ओर से आने वाले वाहनों के लिए झूंसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। ये दोनों ही मार्ग फोर लेन हैं और सीमित क्षमता के कारण अक्सर दबाव में रहते हैं।
लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, अयोध्या और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रयागराज आने वाले अधिकतर वाहन आज भी फाफामऊ पुल पर निर्भर हैं। लगभग 40 साल पुराना यह दो लेन का पुल आए दिन जाम की समस्या से जूझता है, खासकर सुबह और शाम के समय यहां यातायात की स्थिति बेहद खराब हो जाती है।
सिक्स लेन एलिवेटेड ब्रिज के चालू होने के बाद शहर में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
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