पीलीभीत के बिलसंडा इलाके में शारदा सागर खंड के निगोही ब्रांच नहर में कटाव होने से सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। चार दिनों से लगातार नहर का पानी आसपास के खेतों में बह रहा है। इससे बढ़ेपुरा, हेमुपुरा, पसगवां समेत आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय किसान उद्यम सिंह के अनुसार, नहर कटने के तुरंत बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी थी। लेकिन कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। जो अधिकारी आए भी, उन्होंने केवल औपचारिकता निभाकर वापसी कर ली।
मक्का समेत कई फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई
इस लापरवाही के कारण पानी लगातार खेतों में भरता गया। अब धान, गन्ना, मक्का समेत कई फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। किसानों का कहना है कि चार दिनों में न तो नहर की मरम्मत शुरू हुई और न ही पानी निकालने की कोई व्यवस्था की गई।
इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। कई किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई है। अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से हालात गंभीर हुए हैं।
निकासी और नुकसान का मुआवजा मांग रहे
समय पर कटाव की मरम्मत और पानी की निकासी का इंतजाम होता तो नुकसान कम होता। इस घटना से इलाके में नाराजगी और रोष बढ़ गया है। किसान प्रशासन और नहर विभाग से तत्काल कटाव की मरम्मत, पानी की निकासी और नुकसान का मुआवजा मांग रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों की चुप्पी और ढीली कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई न होने पर वे आंदोलन करेंगे। एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। मौके पर अधिकारियों की टीम लगातार मौजूद रहकर नहर बांधने का काम करा रही है।