उद्यान विभाग ने किसानों के लिए केले की खेती को लाभकारी बनाने की पहल की है। विभाग किसानों को प्रति हेक्टेयर 40,000 रुपए का अनुदान दे रहा है। जिले में 20 हेक्टेयर के लक्ष्य के साथ किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ किसानों ने बागवानी शुरू कर दी है। फर्मों का अनुमोदन लखनऊ से आना बाकी है। मानसून की कमी को देखते हुए अभी किसानों पर रोपाई का दबाव नहीं बनाया जा रहा है। मानसून सक्रिय होने पर केले की बागवानी से किसानों को लाभ मिलेगा।
जून-जुलाई का टाइम परफेक्ट उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि केले की रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सर्वोत्तम है। सिंचाई की सुविधा होने पर फरवरी-मार्च में भी रोपाई की जा सकती है। केले की खेती के लिए चिकनी दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का पीएच मान 6 से 7.5 के बीच होना चाहिए। खेत को 4-5 बार जोतकर भुरभुरा बनाना और लाइनों में गड्ढे खोदकर रोपाई करना आवश्यक है।